[03:28.00]दुनिया की उलझन में खोया हुआ था, [03:28.00]मैं जागते हुए भी जैसे सोया हुआ था। [03:28.00]एक खालीपन सा था इस दिल के अंदर, [03:28.00]जैसे किनारे को ढूँढे कोई बेबस समंदर। [03:28.00]पर जब भी मैं तुझे देखता हूँ, [03:28.00]एक ठंडी हवा सी चलती है। [03:28.00]तेरी बाहों की छाँव में आके, [03:28.00]मेरी हर मुश्किल पिघलती है। [03:28.00]देखा तुझे तो सब भूल गया, [03:28.00]दुनिया का हर एक गम भूल गया। [03:28.00]बस तू ही है... मेरे दिल में अब, [03:28.00]खुद को भी मैं शायद अब भूल गया। [03:28.00]हाँ, तू ही मेरा सुकून है, [03:28.00]मेरी रगों में तेरा जूनून है। [03:28.00]बस तू ही है... बस तू ही है। [03:28.00]ज़माने की बातें, वो झूठी हंसी, [03:28.00]तेरे पास आकर है राहत मिली। [03:28.00]न कोई चाहत, न कोई अब जिद, [03:28.00]तुझसे ही शुरू, तुझपे ही सब खत्म। [03:28.00]तू मुस्कुराए तो दिन खिलता है, [03:28.00]तुझसे मिलकर ही मुझे 'मैं' मिलता हूँ। [03:28.00]बाहर की दुनिया एक मेला है, [03:28.00]पर तेरे बिना दिल ये अकेला है। [03:28.00]मेरी रूह को तेरी आहट, [03:28.00]सहला के चुप करा देती है। [03:28.00]देखा तुझे तो सब भूल गया, [03:28.00]दुनिया का हर एक गम भूल गया। [03:28.00]बस तू ही है... मेरे दिल में अब, [03:28.00]खुद को भी मैं शायद अब भूल गया। [03:28.00]मेरा सुकून... सिर्फ तू। [03:28.00]मेरी हर खुशी... सिर्फ तू। [03:28.00]बस तू ही है...